पाठ 3 - मैं क्यों लिखता हूँ - प्रश्न उत्तर (Ncert Solutions) for Class 10 Hindi
Ultimate NCERT Solutions for पाठ: 3 मैं क्यों लिखता हूँ – प्रश्न उत्तर
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Chapter: 3 मैं क्यों लिखता हूँ – प्रश्न उत्तर, सारांश, व्याख्या
सारांश – पाठ: 3 मैं क्यों लिखता हूँ
यह पाठ प्रसिद्ध लेखक महादेवी वर्मा द्वारा लिखा गया एक आत्ममंथन है, जिसमें वे लेखन के पीछे के कारणों को स्पष्ट करती हैं। लेखिका बताती हैं कि उन्होंने कभी भी लिखने का निर्णय जानबूझकर नहीं लिया, बल्कि परिस्थितियों और भावनाओं ने उन्हें लेखन की ओर प्रेरित किया।
महादेवी वर्मा के अनुसार, जब भी उन्हें भीतर से कोई गहन पीड़ा, अनुभूति या विचार व्याकुल करता था, तो वह स्वतः लेखन के रूप में बाहर आता था। वे कहती हैं कि लिखना उनके लिए कोई शौक या प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्म-प्रकाश और संवेदनात्मक राहत का साधन है।
वे यह भी मानती हैं कि साहित्यकार केवल समाज का दर्पण नहीं होता, वह समाज को दिशा भी देता है। लेखन उनके लिए आत्मा की आवाज़ है, जो समाज, प्रकृति और मानव संवेदना से जुड़ी होती है।
इस प्रकार, यह पाठ लेखन की आंतरिक प्रेरणा, लेखक की संवेदनशीलता, और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी को उजागर करता है।
पाठ: 3 मैं क्यों लिखता हूँ प्रश्न उत्तर
Updated Solution 2024-2025
प्रश्न अभ्यास
प्रश्न 1. लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों?
उत्तर 1 – लेखक का कहना है कि प्रत्यक्ष अनुभव के मुकाबले भावनाओं और अंदरूनी संवेदनाओं का उनके लेखन में ज्यादा प्रभाव होता है, क्योंकि-
- लेखन एक अंतरात्मिक प्रक्रिया है, इसे केवल बाहरी दुनिया का अनुवाद नहीं कहा जा सकता।
- लेखन के लिए आंतरिक अनुभव, संवेदनाएँ और कल्पना का होना जरूरी है, केवल बाहरी अनुभव पर्याप्त नहीं है।
- जो कुछ सामने देखकर लिखा जाता है, वह लेखक अपनी सच्ची रचना नहीं मानता।
- सच में ईमानदारी से लिखा गया लेख वही है जो अंदरूनी भावनाओं और अनुभवों से उत्पन्न होता है।
प्रश्न 2. लेखक ने अपने आपको हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता कब और किस तरह महसूस किया?
उत्तर 2 –
- लेखक ने जब जापान में हिरोशिमा का दौरा किया, तो उसे वहां के विस्फोट का वास्तविक अनुभव हुआ। वह अस्पताल में अणु बम के शिकार मरीजों को देखकर, और सड़क पर एक जले हुए पत्थर पर लंबी उजली छाया देखकर, विस्फोट के दर्द और प्रभाव को महसूस करने लगा।
- लेखक ने सोचा कि जब विस्फोट हुआ होगा, तो कोई व्यक्ति इस पत्थर के पास खड़ा रहा होगा। उस समय रेडियोधर्मी किरणों ने उसे पूरी तरह से झुलसा दिया होगा, और शायद उस व्यक्ति को भाप में बदलकर उड़ा दिया होगा।
प्रश्न 3. मैं क्यों लिखता हूँ? के आधार पर बताइए कि –
(क) लेखक को कौन-सी बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं?
(ख) किसी रचनाकार के प्रेरणा स्रोत किसी दूसरे को कुछ भी रचने के लिए किस तरह उत्साहित कर सकते हैं?
उत्तर- (क) लेखक को यह लिखने के लिए विभिन्न कारण प्रेरित करते हैं:
- आंतरिक दबाव, जो लेखक के अंदर की मजबूरी को दर्शाता है।
- संपादकों की ओर से आने वाला अनुरोध।
- प्रकाशक की ओर से किए गए दबाव।
- आर्थिक कारणों की मजबूरी, जो लेखन की ओर आकर्षित करती है।
(ख) किसी रचनाकार के प्रेरणा स्रोत किसी दूसरे को कुछ भी रचने के लिए इस प्रकार उत्साहित करते हैं-
उत्तर (ख)
- जब कोई व्यक्ति किसी रचनाकार की कृति को पढ़ता है, तो उसे ऐसा लगता है कि उसमें वही विचार और भावनाएँ व्यक्त की गई हैं, जो उसके अपने दिल में हैं, जैसे वह रचना सिर्फ उसके लिए ही लिखी गई हो।
- इस अनुभव से प्रभावित होकर वह व्यक्ति यह सोचता है कि वह भी ऐसी ही रचना लिख सकता है। इस तरह एक रचनाकार की रचनाएँ दूसरों को भी नए विचारों और रचनात्मकता की दिशा में प्रेरित करती हैं।
प्रश्न 4. कुछ रचनाकारों के लिए आत्मानुभूति / स्वयं के अनुभव के साथ-साथ बाह्य दबाव भी महत्त्वपूर्ण होता है। ये बाह्य दबाव कौन-कौन से हो सकते हैं?
उत्तर 4 – कई रचनाकारों के लिए अपनी आत्मानुभूति या व्यक्तिगत अनुभवों के साथ-साथ बाहरी दबाव भी महत्वपूर्ण होते हैं। ये बाहरी दबाव निम्नलिखित हो सकते हैं:
(i) कभी-कभी रचनाकार बाहरी दबाव के कारण लिखता है, जैसे यदि कोई संपादक उसे कुछ लिखने का अनुरोध करें।
(ii) अगर कोई प्रकाशक उसे किसी विशेष सामग्री पर लिखने के लिए कहे।
(iii) कभी-कभी आर्थिक कारणों से भी रचनाकार को लिखना पड़ता है।
प्रश्न 5. क्या बाह्य दबाव केवल लेखन से जुड़े रचनाकारों को ही प्रभावित करते हैं या अन्य क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को भी प्रभावित करते हैं कैसे? ।
उत्तर 5 – बाहरी दबाव सिर्फ लेखकों को ही नहीं, बल्कि विभिन्न कला और विज्ञान के क्षेत्र में काम करने वाले कलाकारों और पेशेवरों को भी प्रभावित करता है।
- एक चित्रकार या मूर्तिकार, जब वह किसी अन्य कलाकार के काम को देखता है और महसूस करता है कि उसे सम्मान और आर्थिक लाभ मिल रहा है, तो वह भी प्रेरित होकर अपनी कला में निपुणता और नई दिशा देने का प्रयास करता है।
- समाज सुधारक भी एक दूसरे से प्रेरित होते हैं और दूसरों के कार्यों को देखकर अपने उद्देश्य को और बेहतर तरीके से पूरा करने की कोशिश करते हैं।
- यही स्थिति इंजीनियरों और डॉक्टरों के लिए भी होती है, जब वे एक दूसरे के काम से प्रभावित होकर अपनी दक्षता को बढ़ाने की दिशा में काम करते हैं।
प्रश्न 6. हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक के अंतः व बाह्य दोनों दबाव का परिणाम है यह आप कैसे कह सकते हैं?
उत्तर 6 –
- लेखक एक विज्ञान के छात्र थे और उन्हें अणु बमों के सिद्धांतिक पहलू का ज्ञान था, लेकिन उन्होंने हिरोशिमा में हुए विस्फोट के बारे में कविता तब तक नहीं लिखी, जब तक कि उन्होंने खुद वहां जाकर उस भयानक अनुभव को महसूस नहीं किया।
- उन्होंने न केवल वहां के पीड़ितों के दुखों को समझा, बल्कि जलते हुए पत्थरों पर पड़ती छाया को देखकर यह अनुभव भी किया कि किस प्रकार रेडियम-धर्मी किरणों ने हिरोशिमा के लोगों की जिंदगी को तबाह कर दिया। इन्हीं व्यक्तिगत अनुभवों और सैद्धांतिक ज्ञान के आधार पर ही लेखक ने भारत लौटते समय रेलगाड़ी में हिरोशिमा पर कविता लिखी।
प्रश्न 7. हिरोशिमा की घटना विज्ञान का भयानकतम दुरुपयोग है। आपकी दृष्टि में विज्ञान का दुरुपयोग कहाँ-कहाँ और किस तरह से हो रहा है?
उत्तर 7 – विज्ञान का दुरुपयोग विभिन्न स्थानों पर इस प्रकार हो रहा है:
- विज्ञान द्वारा उपलब्ध कराए गए सुख-साधनों के कारण लोग भोगवादी और आलसी होते जा रहे हैं। इस कारण वर्तमान मनुष्य असंतुष्ट और निरंतर असंतुष्ट महसूस करता है।
- मशीनों के आगमन ने पारंपरिक घरेलू उद्योगों और व्यवसायों को समाप्त कर दिया है।
- देश में बेरोज़गारी और नौकरी की कमी बढ़ती जा रही है।
- एक देश दूसरे देश को डराने और आतंकित करने के लिए आंतरिक रूप से तैयारियां कर रहा है, और यही विज्ञान के कारण बढ़ते प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है।
प्रश्न 8. एक संवेदनशील युवा नागरिक की हैसियत से विज्ञान का दुरुपयोग रोकने में आपकी क्या भूमिका है?
उत्तर 8 – एक जागरूक युवा नागरिक के रूप में हम विज्ञान के दुरुपयोग को रोकने में निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
- हम विज्ञान द्वारा विकसित हथियारों और उपकरणों का उपयोग मानवता की भलाई के लिए करेंगे।
- हम बिजली का उपयोग सही और सुरक्षित तरीके से करने की दिशा में काम करेंगे।
- मुद्रण यंत्रों का उपयोग केवल समाचार पत्रों और पुस्तकों के प्रकाशन के लिए किया जाएगा, और इसके गलत इस्तेमाल को रोकेंगे।
- चिकित्सा क्षेत्र में विज्ञान की नई खोजों का लाभ संतानहीन व्यक्तियों की समस्या को हल करने के लिए उठाएंगे।
- हम छोटे-छोटे भार मापने वाली मशीनों के उपयोग से नागरिकों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करेंगे।
- हम कृषि सुधार और उद्योग के विकास में विज्ञान से मिलने वाले लाभ के बारे में नागरिकों को जानकारी देंगे।
पाठ: 3 मैं क्यों लिखता हूँ पर आधारित अन्य प्रश्न उत्तर
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्रश्न 1. लेखिका ने लेखन को आत्म-प्रकाश का माध्यम क्यों कहा है?
उत्तर: लेखिका के अनुसार, जब भीतर कोई गहरी भावना या पीड़ा उभरती है, तो वह स्वाभाविक रूप से लेखन के रूप में बाहर आती है। यह लेखन उनके अंतर्मन की रोशनी है, जो भीतर की भावनाओं को व्यक्त करता है।
प्रश्न 2. महादेवी वर्मा ने लेखन को प्रचार से क्यों अलग बताया है?
उत्तर: महादेवी वर्मा मानती हैं कि लेखन उनके लिए किसी दिखावे या प्रसिद्धि का साधन नहीं है। वे तो केवल अपने विचारों और संवेदनाओं को सहज रूप से व्यक्त करती हैं, इसलिए वह लेखन को प्रचार से अलग मानती हैं।
प्रश्न 3. लेखिका ने लेखन की प्रेरणा के लिए किन बातों का उल्लेख किया है?
उत्तर: लेखिका ने लेखन की प्रेरणा के रूप में अपने भीतर की व्यथा, संवेदना और सामाजिक अनुभवों का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि ये सभी भावनाएँ लेखन को जन्म देती हैं।
प्रश्न 4. लेखिका के अनुसार लेखन उनके जीवन का अनिवार्य हिस्सा क्यों है?
उत्तर: लेखिका के अनुसार लेखन उनके जीवन से इस प्रकार जुड़ा है जैसे सांसें शरीर से। उनके भावों और अनुभूतियों को अभिव्यक्त करने का यह सहज माध्यम है, जिससे उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है।
प्रश्न 5. लेखिका ने साहित्य को समाज से कैसे जोड़ा है?
उत्तर: लेखिका ने साहित्य को समाज की संवेदना, समस्याओं और सच्चाइयों से जोड़ते हुए बताया कि साहित्यकार समाज का मार्गदर्शक होता है और उसका दायित्व सामाजिक चेतना को जागृत करना होता है।
प्रश्न 6. महादेवी वर्मा ने लेखन को जन्मजात प्रवृत्ति क्यों कहा?
उत्तर: लेखिका कहती हैं कि उन्होंने कभी लिखने का निर्णय नहीं लिया, बल्कि लेखन उनके भीतर से स्वयं प्रस्फुटित होता है। इसलिए वे इसे जन्मजात प्रवृत्ति मानती हैं, न कि अर्जित कला।
प्रश्न 7. लेखिका के अनुसार सृजनात्मक लेखन किस स्थिति में होता है?
उत्तर: सृजनात्मक लेखन तब होता है जब भीतर की अनुभूतियाँ, वेदना या संवेदना तीव्र हो जाती हैं और व्यक्ति उसे शब्दों में ढालने के लिए विवश हो जाता है। यह प्रक्रिया स्वतः होती है।
प्रश्न 8. लेखिका ने अपने लेखन में आत्म-संवाद को कैसे स्थान दिया है?
उत्तर: लेखिका का लेखन उनके आत्म-संवाद का रूप है, जिसमें वे अपने भीतर के प्रश्नों, भावनाओं और अनुभूतियों से संवाद करती हैं। यह लेखन उनके अंतर्मन की अभिव्यक्ति है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
प्रश्न 1. लेखिका लेखन को एक सहज प्रक्रिया क्यों मानती हैं? स्पष्ट करें।
उत्तर: महादेवी वर्मा लेखन को कोई योजना या अभ्यास नहीं, बल्कि एक सहज और स्वाभाविक प्रक्रिया मानती हैं। वे कहती हैं कि जब उनके भीतर कोई अनुभूति या पीड़ा गहराई से उभरती है, तब वह लेखन के रूप में स्वतः निकलती है। लेखन उनके लिए सांस लेने जैसा सहज है, जिसे वे न रोप सकती हैं, न ही रोक सकती हैं। यह आत्मा की पुकार और भीतर की संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है। इसलिए लेखन उनके लिए किसी कृत्रिम प्रयास का परिणाम नहीं, बल्कि एक सहज आत्मिक क्रिया है।
प्रश्न 2. ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ में लेखिका ने साहित्यकार की भूमिका को किस रूप में प्रस्तुत किया है?
उत्तर: महादेवी वर्मा ने साहित्यकार को केवल समाज का दर्पण नहीं, बल्कि मार्गदर्शक माना है। उनके अनुसार एक सच्चा साहित्यकार समाज की पीड़ा, असमानता, अन्याय और असंवेदनशीलता को शब्द देता है और लोगों को चेतना की ओर प्रेरित करता है। लेखिका यह मानती हैं कि साहित्य का उद्देश्य केवल सौंदर्य या मनोरंजन नहीं है, बल्कि वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम भी है। एक साहित्यकार अपने विचारों और भावनाओं के माध्यम से समाज को दिशा दे सकता है।
प्रश्न 3. लेखिका के लेखन में भावनाओं और संवेदनाओं की प्रमुखता को उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
उत्तर: महादेवी वर्मा के लेखन की जड़ें उनकी भावनाओं और संवेदनाओं में गहराई से जुड़ी हैं। वे अपने भीतर की पीड़ा, करुणा, प्रेम और अनुभवों को सहजता से व्यक्त करती हैं। लेखिका कहती हैं कि जब भीतर कोई अनुभूति उन्हें विचलित करती है, तो वह लेखन के रूप में निकलती है। उनके लेखन में मनुष्य की संवेदनशीलता, सामाजिक दर्द और आत्मिक संघर्ष की झलक मिलती है। इससे स्पष्ट होता है कि लेखन उनके लिए केवल विचारों का खेल नहीं, बल्कि गहन भावनात्मक प्रतिक्रिया है।
प्रश्न 4. ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ के माध्यम से लेखिका की आत्मिक चेतना का परिचय दीजिए।
उत्तर: इस पाठ में लेखिका की आत्मिक चेतना स्पष्ट रूप से प्रकट होती है। वे लेखन को अपनी आत्मा की आवाज़ मानती हैं, जो उन्हें भीतर से प्रेरित करती है। उनका लेखन किसी बाहरी उद्देश्य से प्रेरित नहीं, बल्कि आंतरिक भावों की सहज अभिव्यक्ति है। उनके अनुसार लेखन उनके लिए एक साधना है, जिससे वे आत्मिक संतुलन प्राप्त करती हैं। यह चेतना उन्हें समाज की पीड़ा को समझने और उसे शब्दों में ढालने की क्षमता देती है।
प्रश्न 5. ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ के माध्यम से लेखिका का लेखन-दर्शन स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: महादेवी वर्मा इस पाठ में बताती हैं कि वे लेखन को जानबूझकर नहीं करतीं, बल्कि यह उनके भीतर की संवेदनाओं का स्वाभाविक प्रवाह होता है। वे लेखन को आत्मा की पुकार मानती हैं, जिसमें उनका दुख, प्रेम, संवेदना और समाज के प्रति दायित्व समाहित होता है। उनका लेखन प्रचार या प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि आत्म-संतुलन और सच्चाई को प्रकट करने का माध्यम है। इससे यह स्पष्ट होता है कि लेखिका लेखन को एक आध्यात्मिक और आत्मिक क्रिया के रूप में देखती हैं।
प्रश्न 6. लेखिका के अनुसार एक सच्चे लेखक की समाज के प्रति क्या जिम्मेदारी होनी चाहिए?
उत्तर: महादेवी वर्मा मानती हैं कि एक सच्चा लेखक केवल समाज का दर्पण नहीं होता, वह समाज को सही दिशा भी देता है। लेखक को अपनी लेखनी से सामाजिक कुरीतियों, अन्याय और संवेदनहीनता के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए। उसे अपने विचारों और अनुभूतियों से लोगों को जागरूक करना चाहिए। लेखिका का मानना है कि साहित्य का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाना भी है।
प्रश्न 7. लेखिका के लेखन में आत्मविवेचन का क्या महत्व है? उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
उत्तर: महादेवी वर्मा के लेखन में आत्मविवेचन की गहरी छाप है। वे लेखन को आत्मा से संवाद का माध्यम मानती हैं। ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ में वे अपने भीतर झांकती हैं और यह जानने का प्रयास करती हैं कि लेखन की प्रेरणा कहाँ से आती है। उनका लेखन आत्मविश्लेषण से उत्पन्न होता है, जो उन्हें अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों से जोड़ता है। यह आत्मविवेचन ही उनके साहित्य को गहराई और संवेदनशीलता प्रदान करता है।
प्रश्न 8. क्या लेखन केवल साहित्यकारों के लिए होता है? पाठ के संदर्भ में उत्तर दीजिए।
उत्तर: महादेवी वर्मा के अनुसार लेखन केवल पेशेवर साहित्यकारों तक सीमित नहीं है। जब किसी व्यक्ति के भीतर भावनाओं और अनुभूतियों की तीव्रता होती है, तो वह स्वाभाविक रूप से उसे शब्दों में ढाल देता है। लेखन आत्म-अभिव्यक्ति का एक माध्यम है, जो किसी भी संवेदनशील व्यक्ति के माध्यम से सामने आ सकता है। इस पाठ में लेखिका स्वयं को साहित्यकार नहीं मानतीं, बल्कि लेखन को एक सहज आवश्यकता कहती हैं।
प्रश्न 9. लेखिका ने अपने लेखन को समाज से किस प्रकार जोड़ा है?
उत्तर: महादेवी वर्मा ने अपने लेखन को समाज से गहराई से जोड़ा है। वे मानती हैं कि साहित्य केवल व्यक्तिगत अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी वहन करता है। उनके अनुसार लेखक को समाज की समस्याओं, पीड़ाओं और संवेदनाओं को समझते हुए लेखन करना चाहिए। उनका लेखन सामाजिक चेतना से युक्त है, जो पाठकों को सोचने और जागरूक होने के लिए प्रेरित करता है।
प्रश्न 10. लेखिका के लेखन की स्वाभाविकता पाठ में कैसे स्पष्ट होती है?
उत्तर: ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ में लेखिका स्पष्ट रूप से बताती हैं कि उन्होंने कभी यह तय नहीं किया कि वे लिखेंगी। उनका लेखन किसी योजना, अभ्यास या प्रयास का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उनके भीतर की अनुभूतियों का सहज प्रवाह है। जब कोई भावना उन्हें भीतर से उद्वेलित करती है, तो वह स्वतः लेखन में बदल जाती है। यह स्वाभाविकता उनके लेखन को सजीव और प्रभावशाली बनाती है।
MCQs (Multiple Choice Questions):
प्रश्न 1. लेखिका के अनुसार लेखन की शुरुआत कब हुई?
A) विद्यालय में निबंध प्रतियोगिता से
B) समाज की समस्याओं को देखकर
C) अनजाने में, किसी आंतरिक प्रेरणा से
D) प्रसिद्धि पाने की चाह से
उत्तर: C) अनजाने में, किसी आंतरिक प्रेरणा से
प्रश्न 2. महादेवी वर्मा के लिए लेखन का क्या उद्देश्य नहीं है?
A) आत्म-अभिव्यक्ति
B) प्रचार और प्रदर्शन
C) आत्म-शांति
D) संवेदनाओं की अभिव्यक्ति
उत्तर: B) प्रचार और प्रदर्शन
प्रश्न 3. लेखिका ने लेखन को किससे तुलना की है?
A) खेल से
B) व्यवसाय से
C) स्वांस लेने जैसी स्वाभाविक क्रिया से
D) पढ़ाई के अभ्यास से
उत्तर: C) स्वांस लेने जैसी स्वाभाविक क्रिया से
प्रश्न 4. महादेवी वर्मा का लेखन किस भाव से प्रेरित होता है?
A) रोचकता से
B) जिम्मेदारी से
C) सामाजिक चेतना और संवेदना से
D) प्रतियोगिता की भावना से
उत्तर: C) सामाजिक चेतना और संवेदना से
प्रश्न 5. लेखन के माध्यम से लेखिका क्या पाना चाहती हैं?
A) पुरस्कार
B) प्रसिद्धि
C) आत्मिक संतुलन और शांति
D) राजनीतिक प्रभाव
उत्तर: C) आत्मिक संतुलन और शांति
प्रश्न 6. लेखिका ने लेखक की भूमिका को किस दृष्टि से देखा है?
A) केवल मनोरंजन देने वाला
B) समाज का आलोचक
C) समाज को दिशा देने वाला
D) केवल शब्दों का जादूगर
उत्तर: C) समाज को दिशा देने वाला
प्रश्न 7. लेखिका का लेखन किसके प्रति संवेदनशील होता है?
A) प्रकृति और समाज
B) केवल राजनीति
C) व्यापारिक क्षेत्र
D) शिक्षा व्यवस्था
उत्तर: A) प्रकृति और समाज
प्रश्न 8. लेखिका के अनुसार साहित्यकार समाज में क्या परिवर्तन ला सकता है?
A) कोई नहीं
B) तकनीकी विकास
C) सामाजिक जागरूकता और संवेदना
D) आर्थिक सुधार
उत्तर: C) सामाजिक जागरूकता और संवेदना
प्रश्न 9. महादेवी वर्मा के लेखन में कौन-सी भावना प्रमुख रूप से झलकती है?
A) ईर्ष्या
B) करुणा और संवेदना
C) उत्सवप्रियता
D) अभिमान
उत्तर: B) करुणा और संवेदना
प्रश्न 10. लेखिका के अनुसार लेखन किसका परिणाम होता है?
A) प्रतियोगिता में भाग लेने का
B) परिवार की प्रेरणा का
C) भीतर की अनुभूतियों और व्यथा का
D) पैसे कमाने का
उत्तर: C) भीतर की अनुभूतियों और व्यथा का
प्रश्न 11. लेखिका ने साहित्य को क्या माना है?
A) समय व्यतीत करने का साधन
B) समाज को दर्पण दिखाने और दिशा देने वाला माध्यम
C) राजनैतिक विचारों का प्रचार
D) केवल कल्पना का खेल
उत्तर: B) समाज को दर्पण दिखाने और दिशा देने वाला माध्यम
प्रश्न 12. ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ में लेखक कौन हैं?
A) सुभद्राकुमारी चौहान
B) प्रेमचंद
C) महादेवी वर्मा
D) हरिवंश राय बच्चन
उत्तर: C) महादेवी वर्मा
प्रश्न 13. लेखिका के अनुसार साहित्यकार को समाज के प्रति कैसा होना चाहिए?
A) उदासीन
B) क्रोधित
C) उत्तरदायी और सजग
D) तटस्थ
उत्तर: C) उत्तरदायी और सजग
प्रश्न 14. लेखन लेखिका के जीवन में किस रूप में उपस्थित है?
A) काम के रूप में
B) शौक के रूप में
C) आत्मिक आवश्यकता के रूप में
D) पारिवारिक परंपरा के रूप में
उत्तर: C) आत्मिक आवश्यकता के रूप में
प्रश्न 15. लेखिका के अनुसार सच्चा लेखक कौन होता है?
A) जो अधिक किताबें लिखे
B) जो समाज की सच्चाइयों को उजागर करे
C) जो पुरस्कार जीते
D) जो केवल कल्पनाएं लिखे
उत्तर: B) जो समाज की सच्चाइयों को उजागर करे
प्रश्न 16. लेखिका के अनुसार लेखन किस प्रकार उत्पन्न होता है?
A) विज्ञापन से
B) आंतरिक वेदना से
C) पाठ्यपुस्तकों के अध्ययन से
D) रेडियो सुनने से
उत्तर: B) आंतरिक वेदना से
